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Delhi : ईंधन खरीद पर केंद्र की नई पाबंदी

Kavita2
13 Jun 2026 10:22 AM IST
Delhi : ईंधन खरीद पर केंद्र की नई पाबंदी
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Delhi दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में ईंधन वितरण व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए नई पाबंदियां लागू की हैं। इसके तहत अब इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को रिटेल पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें केवल निर्धारित सप्लाई चैनल से ही ईंधन प्राप्त करना होगा।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संबंध में ‘मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल (रिटेल आउटलेट्स के जरिए सप्लाई का अस्थायी नियमन) ऑर्डर, 2026’ के तहत 11 जून को यह निर्देश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसे 90 दिनों तक लागू रखा जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।

सरकारी आदेश के अनुसार यह कदम ईंधन की रिटेल बिक्री में हाल ही में आई असामान्य और अचानक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। देश के कई हिस्सों में खासकर डीजल की बिक्री में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया था।

अधिकारियों के अनुसार, कई बड़े उपभोक्ताओं ने रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना शुरू कर दिया था, क्योंकि रिटेल कीमतों और बल्क सप्लाई दरों के बीच अंतर का लाभ उठाया जा रहा था। इसी कारण पंपों पर अनावश्यक दबाव बढ़ा और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बनने लगी।

मंत्रालय ने कहा है कि यह निर्णय ईंधन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और संतुलित बनाने के लिए लिया गया है। औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों को अब सीधे अधिकृत बल्क सप्लाई चैनलों से ईंधन लेना होगा, ताकि रिटेल आउटलेट्स पर आम उपभोक्ताओं की जरूरतों पर कोई असर न पड़े।

सरकार का मानना है कि इस कदम से पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम होगी और ईंधन की उपलब्धता अधिक व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही यह व्यवस्था उन असामान्य खरीद गतिविधियों पर भी रोक लगाएगी, जो हाल के समय में देखी गई थीं।

इस आदेश के लागू होने के बाद संबंधित कंपनियों और डीलरों को भी नई व्यवस्था के अनुसार संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है।

फिलहाल यह व्यवस्था 90 दिनों के लिए लागू की गई है, जिसके बाद स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने संकेत दिए हैं कि ईंधन आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

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